गुलदार के आतंक से कई समय से सुकून की नींद नहीं सो पा रहे इस गांव के ग्रामीण
रुड़की- गुलदार को पकड़ने के लिए वनविभाग ने पिंजरे लगाए और पिंजरों में गुलदार की ख़ुराक रखी ताकि गुलदार पकड़ में आसके, लेकिन गुलदार पिजरों में रखे जानवरों को ही अपना निवाला बना गया, ये हाल है भगवानपुर क्षेत्र के गाँव गी-शहीदपुर में, यहां ग्रामीण रात की नींद तो भूल ही गए है साथ ही दिन का सुकून भी गवा बैठे है। ग्रामीणों के मुताबिक़ गुलदार कई बार घनी आबादी में देखा जा चुका है। रात को ग्रामीणों के घर की छतों पर भी गुलदार को देखा गया है। ऐसे में ग्रामीण दहशत के साय में जिंदगी गुजरने को मजबूर है। ग्रामीणों के बताया वनविभाग पिछले दो महीनों से गुलदार को पकड़ने का प्रयास कर रहा है लेकिन अभी तक कामयाबी नही मिल पाई।
भगवानपुर क्षेत्र के गी-शहीदपुर गाँवो में पिछले दो महीने से गुलदार के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। गांव में गुलदार और उसके दो शावक देखे जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की थी लेकिन वन विभाग आजतक गुलदार को नही पकड़ पाया है। जबकि गांव के आसपास लगे दो पिंजरों से गुलदार बकरी और कुत्ते को भी अपना निवाला बना चुका है। वही ग्रामीणों को कई बार दिन में भी गुलदार दिखाई दिया है और हमले का प्रयास भी कर चुका है। ग्रामीणों का कहना है वो रात दिन डर के साये में जीने को मजबूर हो गए है। रातभर घरों की छतों पर पहरा दे रहे है। वही वन विभाग की टीम भी गांव में डेरा डाले हुए है लेकिन गुलदार को पकड़ने में नाकाम साबित हो रहे है। वन विभाग के कर्मी गांव के जंगलों में गुलदार के पंजो की निशानदेही पर गुलदार को पकड़ने की कोशिश कर रहे है।

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