महापौर ने लिया संज्ञान, कांजी हाऊस की भूमि के लिए नगर आयुक्त के साथ किया निरीक्षण
ऋषिकेश- बनखंडी क्षेत्र में आवारा पशुओं द्वारा एक घर में घुस जाने की घटना का महापौर ने बेहद गंभीरतापूर्वक संज्ञान लिया है।
मेयर अनिता ममगाई ने निगम अधिकारियोंं को इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। साथ ही आवारा पशुओं पर नकेल कसने के लिए कांजी हाउस की व्यवस्था बनाने में भी महापौर आज दिनभर जुटी रही। नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल व पशु कल्याण विभाग के चिकित्सा अधिकारी डा सुनील गिरी के साथ उन्होंने कांजी हाउस के लिए पशुलोक की भूमि का भी निरीक्षण किया। नगर निगम महापौर ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर में आवारा पशुओं को लेकर वह स्वयं बेहद चिंतित है। लेकिन निगम के पास कांजी हाउस की व्यवस्था न हो पाने की वजह से आवारा पशुओं पर लगाम नहीं कसी जा पा रही है ।हालांकि इसके लिए तमाम तरह की कवायद पिछले 2 वर्ष में नगर निगम प्रशासन करता रहा है।
सैकड़ों आवारा पशुओं को व्यक्तिगत प्रयासों से गैंंडी खाता स्थित एक आश्रम में पहुंचाया जा चुका है लेकिन इसके बावजूद आवारा पशु के आतंक को समाप्त करना अभी भी चुनौती बना हुआ जिससे निपटने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बताया कि,पूर्व में इस संदर्भ में पशुपालन विभाग को एक पत्र लिखा गया था लेकिन विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने पशुपालन विभाग से एक बार पुनः विनम्रता पूर्वक आवारा पशुओं की समस्या के निस्तारण के लिए कांजी हाउस बनाने के लिए निगम को भूमि देने का निवेदन करते हुए कहा कि इसमें स्वामित्व पशुपालन विभाग का ही रहेगा।जबकि कांजी हाऊस में रहने वाले पशुओं के भौजन की व्यवस्था निगम करायेगा।इस दौरान पार्षद विजय बडोनी,पार्षद लक्ष्मी रावत, मनु कोठारी, सुनील उनियाल, रंजन अंथवाल आदि भी मोजूद रहे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी के निर्देश पर नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, बोलेरो सहित शराब की खेप जब्त
कर्णप्रयाग में धारदार हथियार से हमला करने वाले 04 निहंग यात्री गिरफ्तार, तीन अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया जेल
फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड प्रकरण में गिरफ्तार उत्तराखंड के शेफ केशव नेगी के परिजनों से गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने की मुलाकात
केदारनाथ धाम में अपनों से बिछड़े बालक के लिए देवदूत बनी रुद्रप्रयाग पुलिस
क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल द्वारा किया गया कोतवाली लैंसडाउन का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण