सरकार ने घस्यारी कल्याण योजना में 25 करोड़ रुपये का प्रविधान
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि गैरसैंण जनभावनाओं से जुड़ा हुआ है। यह हमारी पीड़ा और पहचान से जुड़ा नाम है। सरकार जो निर्णय ले रही है, वे जनआकांक्षाओं को पूरा करने में अपनी भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जब भी सरकार पीड़ा की बात करती है। तो इसका मतलब यह होता है कि प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक विकास पहुंचे। वहां के जनसामान्य की पहुंच सरकार तक हो। क्षेत्र के विकास और समस्याओं के निस्तारण को नीतियां और कानून बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने घस्यारी कल्याण योजना में 25 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है। महिला मंगल दलों के लिए भी बजट में अलग प्रविधान किए गए हैं। विधायक निधि, सांसद निधि में इसके लिए प्रविधान हैं। महिलाओं को जो भी सहयोग चाहिए, उसे उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार मजबूती से काम कर रही है। महिलाओं को स्वाबलंबी बनने के लिए स्वरोजगार करना बेहद जरूरी है। स्वरोजगार से पहचान बने, इसके लिए सरकार काम कर रही है। उसके अनुसार ही नीतियां बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में प्रदेश की मातृ अपने पैरों पर खड़ी होती नजर आएगी।

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