एम्स ऋषिकेश में हेली एंबुलेंस सेवा का पायलट प्रोजेक्ट हो सकता है 18 अप्रैल शुरू
ऋषिकेश; अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश पहला ऐसा केंद्र बन रहा है, जहां से हेली एंबुलेंस सेवा संचालित होने वाली है। बताया जा रहा है कि हेली एंबुलेंस सेवा का पायलट प्रोजेक्ट 18 अप्रैल को शुरू हो सकता है। इसके साथ ही यहां इसी वर्ष से एरो मेडिकल ट्रेनिंग कोर्स भी शुरू किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस कोर्स के तहत अभ्यर्थी को अमेरिका व इजरायल के विशेषज्ञों की मदद से ट्रेनिंग दी जाएगी। जिससे प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार हेली इमरजेंसी मेडिकल सर्विस टीम ने एम्स की व्यवस्थाओं के परखने के बाद हेली एंबुलेंस के संचालन के हरी झंडी दे दी है। वहीं हेली एबुंलेंस के लिए उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश में लैंडिंग प्वाइंट को चिन्हित कर लिया गया है। हेली एंबुलेंस सेवा का लाभ उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तरप्रदेश के करीब 100 किलोमीटर के क्षेत्रों में मिलना है। मरीजों के लिए एंबुलेंस सेवा पूरी तरह से निश्शुल्क होगी। बताया जा रहा है कि टीम ने सेवा से जुड़ने वाले उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के जिलों में लैंडिंग प्वाइंट्स को चिन्हित कर लिया है। बताया कि अप्रैल में सेवा का शुभारंभ प्रस्तावित है। बताया जा रहा है कि एम्स ऋषिकेश में करीब दो वर्ष पूर्व हेलीपैड का निर्माण कर दिया गया था। आपात स्थिति में वर्तमान में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र से हेलीकाप्टर के जरिये गंभीर मरीजों को यहां लाया जा रहा है। इस अवधि में सभी मानक को पूरा करने का काम एम्स प्रशासन ने किया है। इस योजना के तहत एम्स के स्तर पर सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। वहीं इसके बाद अब एरो मेडिकल ट्रेनिंग कोर्स कराया गया है। इसमें नालेज, स्किल व डिसीजन मेकिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।

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