मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। रिश्वत लेने के आरोप में उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा दिए गए सीबीआई जांच के आदेश पर अभी फिलहाल रोक लग गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर फिलहाल रोक लगाई लगा दी है। सर्वोच्च अदालत ने आज उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें हाईकोर्ट ने उत्तराखंड सीएम के खिलाफ सीबीआई जांच को मंजूरी दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले में नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा है। लेकिन फिलहाल मुख्यमंत्री के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में दर्ज हुई एफआईआर पर सीबीआई जांच को रोक दिया गया है। उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला चौंकाने वाला था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इससे अलग हाईकोर्ट के किसी और आदेश पर टिप्पणी नहीं की है। आपको बता दें कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर एक पत्रकार ने रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इसी मामले में उत्तरांड हाईकोर्ट ने पत्रकार उमेश शर्मा व अन्य के खिलाफ राजद्रोह मामले में राज्य सरकार द्वारा दर्ज FIR समाप्त करने के आदेश दिए थे। पत्रकार ने आरोप लगाया कि 2016 में जब त्रिवेंद्र सिंह रावत भाजपा के झारखंड प्रभारी थे तब उन्होंने एक व्यक्ति को गौ सेवा अयोग का अध्यक्ष बनाने के लिए रिश्वत ली थी। कुल मिलाकर अब अब मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम राहत देते हुए सीबीआई जांच पर रोक के आदेश दे दिये हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी के निर्देश पर नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, बोलेरो सहित शराब की खेप जब्त
कर्णप्रयाग में धारदार हथियार से हमला करने वाले 04 निहंग यात्री गिरफ्तार, तीन अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया जेल
फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड प्रकरण में गिरफ्तार उत्तराखंड के शेफ केशव नेगी के परिजनों से गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने की मुलाकात
केदारनाथ धाम में अपनों से बिछड़े बालक के लिए देवदूत बनी रुद्रप्रयाग पुलिस
क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल द्वारा किया गया कोतवाली लैंसडाउन का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण