खनन माफियाओं के हौसले हुए बुलंद खोद डाली मेडिकल कॉलेज की भूमि
मालन नदी में रूकने का नाम नहीं ले रहा है अवैध खनन
– खनन माफियाओं ने मेडिकल की दीवार तोड़कर तहस-नहस कर दी मेडिकल कॉलेज की भूमि
– वन-विभाग के अधिकारियों और उसकी एसओजी टीम पर भी उठने लगे हैं सवालिया निशान
कोटद्वार। भाबर क्षेत्र के अंतर्गत मालन नदी में अवैध खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है। अधिकारियों के खुलेआम संरक्षण के चलते दिन-रात ओवर लोडिंग डम्पर सड़क पर मौत बनकर दौड़ रहे हैं।
खनन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं। उन्होंने हल्दूखाता में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की चाहरदीवारी तोड़कर मेडिकल कॉलेज के लिए चयनीत भूमि को जेसीबी से खोद-खोदकर तहस-नहस कर दिया है। कई-कई फुट गहरे गड्ढे खोद दिए हैं।
इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि वन विभाग की स्वीकृति लिए बगैर वन-विभाग की एसओजी टीम की मौजूदगी में ही खनन माफियाओं द्वारा जंगलात की भूमि पर सड़क बनाकर खनन से भरे डंपर संचालित किए जा रहे हैं। स्पष्ट है कि खनन माफियाओं को वन-विभाग के छोटे से लेकर बड़े अधिकारी तक का खुला संरक्षण प्राप्त है और वह आंख पर पट्टी बांधकर धृतराष्ट्र बना हुआ हैं। खनन माफियाओं द्वारा चढाए जाने वाले प्रसाद से वह ऐश की जिंदगी जी रहा है।
खनन माफियाओं द्वारा जंगलात की भूमि पर डम्परो के संचालित किए जाने से सैकड़ों छोटे-बड़े पेड़-पौधे खनन माफियाओं और वन-विभाग के अधिकारियों की भेंट चढ़ चुके हैं। खैर रोम जल रहा था और नीरो बंजी बजा रहा था वाली कहावत वन-विभाग के अधिकारियों पर सटीक बैठती है, इसका अंजाम आने वाली बरसात में बाढ़ के रूप में सामने आने वाला है?
सौजन्य– राजेंद्र शिवाली

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