मुख्य सचिव ने किया केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण
देहरादून– मुख्य सचिव डॉ एस.एस. संधू ने आज भगवान केदारनाथ के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्यों में बेहतर गुणवत्ता के साथ ही तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कार्यों में गति लाने के लिए आवश्यक मैन पावर, मशीनरी एवं मटीरियल की पर्याप्तता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में गति लाने के लिए वीकली टारगेट निर्धारित कर अचीवमेंट की समीक्षा नियमित रूप से की जाए। मुख्य सचिव ने केदार पुरी के दोनों तरफ की पहाड़ियों पर वन विभाग को आकर्षक प्लांटेशन करने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां काम कर रही लेबर से भी बात की, मुख्य सचिव ने अधिकारियों को श्रमिकों के लिए उचित व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए। 
उन्होंने चोराबाड़ी ट्रेकरूट को विकसित किए जाने के साथ ही गरुड़ चट्टी से रामबाड़ा तक पुराने मार्ग को सुचारू करने हेतु फॉरेस्ट क्लीयरेंस पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन शंकराचार्य समाधि स्थल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने मंदाकिनी एवं सरस्वती नदी के संगम पर निर्मित हो रहे स्नान घाटों केदारनाथ गरुड़ चट्टी को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल व पहाड़ी शैली में निर्मित हो रहे भवनों का जायजा भी लिया। मुख्य सचिव ने वहां मौजूद अधिकारियों से निर्माण कार्यों में गति एवं समय से पूरा करने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सुव्यवस्थित और सुरक्षित चारधाम यात्रा हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर पर्यटन सचिव श्री दिलीप जावलकर एवं जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग भी उपस्थित थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी के निर्देश पर नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, बोलेरो सहित शराब की खेप जब्त
कर्णप्रयाग में धारदार हथियार से हमला करने वाले 04 निहंग यात्री गिरफ्तार, तीन अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया जेल
फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड प्रकरण में गिरफ्तार उत्तराखंड के शेफ केशव नेगी के परिजनों से गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने की मुलाकात
केदारनाथ धाम में अपनों से बिछड़े बालक के लिए देवदूत बनी रुद्रप्रयाग पुलिस
क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल द्वारा किया गया कोतवाली लैंसडाउन का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण