बारिश के कारण किसानों के चेहरे पर छाई मायूसी
कोटद्वार:- उत्तराखंड में 2 दिनों से हो रही लगातार बारिश से किसानों के चेहरे पर मायूसी छाई हुई हैं। किसानों की धान,उड़द और तिल की खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गयी है। बीते वर्षो के मुकाबले इस वर्ष धान और तिल की फसल काफी अच्छी हुई थी और पक कर तैयार हो गयी थी। लेकिन बारिश से खेत तालाब में बदल गए जिस कारण धान और तिल की फसल जलमग्न हो गए।
वंही लोकमणिपुर के किसान जगदीश मेहरा, बीना जखमोला,बिमला देवी का कहना है कि हमारा पूरा परिवार फसल पर ही निर्भर है और हमने कर्जा लेकर धान की रोपाई की लेकिन हमारी धान और तिल की फसल पूरी बर्बाद हो गयी। हम सरकार से मांग करते है कि हमे मुआवजा दिया जाए जिससे हम किसानों को कुछ राहत मिल सके।
वंही कुछ किसानों का कहना है कि धान,उड़द और तिल की फसल तो पुरी तरह बरबाद हो गयी है लेकिन सोयाबीन की फसल अभी थोड़ा ठीक है क्योंकि उसे पकने में लगभग एक महीने का समय बचा हुआ है।

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