वन विभाग में वनाग्नि के लिए तकनीक को दी रही प्राथमिकता
देहरादून: उत्तराखंड वन विभाग में अब प्रेडिक्शन मॉडल को तैयार करने की तैयारी हो रही है. यह एक ऐसा मॉडल होगा जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधार पर फॉरेस्ट फायर सीजन में होने वाली घटनाओं का पूर्वानुमान देगा. इसके पीछे डाटाबेस सिस्टम को रखा जाएगा, ताकि लगाए जाने वाला पूर्वानुमान हकीकत के नजदीक हो। प्रदेश में वन महकमे ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तैयार किया है, जिसके जरिए विभाग के पास डाटा हिस्ट्री मौजूद है. पिछले 10 सालों में किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा आग लगने की घटनाएं हुई, ऐसी रेंज जहां हर साल वनाग्नि की घटनाएं या तो बढ़ रही है या फिर लगातार हो रही हैं. जिन जंगलों में आग लग रही है, वह किस कैटेगरी के वन क्षेत्र हैं, तमाम जरूरी जानकारी वन विभाग के पास मौजूद हैं. इसके अलावा भी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में आंकड़ों के विभिन्न पैरामीटर बनाए गए हैं, जो वन विभाग की भविष्य की प्लानिंग को लेकर मदद कर सकते हैं।

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