बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने शीतकालीन यात्रा में तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की घोषणा की
श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने शीतकालीन यात्रा 2025-26 के सफल संचालन के लिए व्यापक तैयारियाँ आरंभ कर दी हैं। बदरीनाथ एवं केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के उपरांत अब छह माह तक भगवान बदरीविशाल की शीतकालीन प्रतीकात्मक पूजा क्रमशः योग बदरी पांडुकेश्वर, श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ तथा श्री केदारनाथ भगवान की शीतकालीन पूजायें श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में सम्पन्न होगी। वही श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की घोषणा की है कहा कि तीर्थयात्रियों सुरक्षा, आवास, यात्रा मार्ग, शीतकालीन पूजा व्यवस्थाओं एवं स्थानीय तीर्थ पुरोहितों हकहकूकधारियों की सहभागिता से शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। भगवान बदरीविशाल के कपाट बंद होने के बाद श्री उद्धव जी एवं श्री कुबेर जी योग बदरी पांडुकेश्वर में विराजमान रहते है।आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी शीतकाल में नृसिंह मंदिर, ज्योतिर्मठ में विराजमान रहती है जबकि भगवान केदारनाथ की गद्दी पारंपरिक रूप से उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में स्थापित की जाती है। इसी परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी छह माह तक विधिविधानपूर्वक दर्शन पूजन-अर्चना,सम्पन्न होंगी द्वितीय केदार मदमहेश्वर जी की शीतकालीन पूजा श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में ही संपन्न होती है तथा तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजा श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ मठ में संपन्न होती है। बीकेटीसी ने शीतकालीन पूजा स्थलों पर स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग, तीर्थयात्री सुविधाओं और आवास, पेयजल, स्वस्थ्य, आवागमन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों तथा स्थानीय लोगों के साथ समन्वय शुरू कर दिया है।बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखंड चारधाम खासकर श्री केदारनाथ धाम से विशेष लगाव रहा है।प्रधानमंत्री के उत्तराखंड रजत जयंती समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर मंदिर उखीमठ का स्मृति चिन्ह भेंट किया जोकि प्रदेश सरकार के शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित किये जाने का भी प्रतीक बन गया।शीतकालीन पूजा स्थल उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक श्रद्धालु ग्रीष्मकालीन ही नहीं, बल्कि शीतकालीन यात्रा में पहुंचे।

श्री सिद्धबली महोत्सव-2025 हेतु कोटद्वार पुलिस ने की तैयारियां शुरू
मां कालिंका मेले की व्यवस्थाओं को लेकर महाराज ने दिये जिलाधिकारी को निर्देश
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों, उत्तराखण्ड राज्य में प्री SIR गतिविधियां शुरु
थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्र में गंगा तटों पर सुरक्षा एवं नशामुक्ति हेतु विशेष जागरूकता अभियान
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुजरात में सरदार@ 150 यूनिटी मार्च कार्यक्रम में किया प्रतिभाग