ईद उल अजहा को लेकर कोरोना काल के बीच ऑनलाइन हो रही बकरों की खरीद फरोख्त
कोविड-19 के चलते ईद-उल-अजहा पर बकरों की ऑनलाइन खरीद-फ़रोख़्त हो रही है, बकरा कारोबारी वाट्सप और अन्य सोशल नेटवर्क पर बकरों को बेचने और खरीदने के काम को अंजाम दे रहे है। कोरोना काल में बकरों की मंडी लगाने पर पाबंदी लगाई गई है इसी के चलते बकरों की ऑनलाइन खरीद-फ़रोख़्त जारी है।
1 अगस्त को ईद-उल-अजहा का त्यौहार मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियों को लेकर मुस्लिम समाज के लोग बकरों की खरीद-फ़रोख़्त को अंजाम दे रहे है, कोरोना माहमारी के बीच बकरों की मंडी लगाने पर पाबंदी है इसीलिए इस बार बकरों को खरीदारी ऑनलाइन की जा रही है। रुड़की के बकरा कारोबारी बताते है कि इस बार कोरोना काल में बकरों की खरीद-फ़रोख़्त पर संकट छाया हुआ है, मंदी की मार बकरों की खरीदारी पर भी पड़ रही है, ऐसे में बकरों की ऑनलाइन खरीदारी का काम चल रहा है, वाट्सप वीडियो कॉल या अन्य सोशल नेटवर्क के जरिए बकरों को दिखाया जा रहा है, वही कुछ लोग पैमेंट भी ऑनलाइन ही कर रहे है। उन्होंने बताया इस बार बकरा का कारोबार ना के बराबर है। बकरों के दाम में भी भारी गिरावट है ऐसे में बकरा कारोबारियों पर भी संकट छाया हुआ है। उन्होंने बताया पहले ईद-उल-अजहा को लेकर बकरों की मंडी लगा करती थी। जिसमे दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश समेत अन्य प्रदेशो से बकरों को लाया जाता था। लेकिन इस बार बकरों की मंडी लगाने पर पाबंदी है इसीलिए बकरों का कारोबार 50 प्रतिशत गिर चुका है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी के निर्देश पर नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, बोलेरो सहित शराब की खेप जब्त
कर्णप्रयाग में धारदार हथियार से हमला करने वाले 04 निहंग यात्री गिरफ्तार, तीन अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया जेल
फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड प्रकरण में गिरफ्तार उत्तराखंड के शेफ केशव नेगी के परिजनों से गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने की मुलाकात
केदारनाथ धाम में अपनों से बिछड़े बालक के लिए देवदूत बनी रुद्रप्रयाग पुलिस
क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल द्वारा किया गया कोतवाली लैंसडाउन का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण