विधायक कुंवर प्रणव सिंह चौंपियन के दोबारा बीजेपी में वापसी होने के बाद से नहीं थम रही राजनीतिक हलचल
रूड़की — खानपुर विधानसभा के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन के बीजेपी में शामिल होने के बाद राजनीतिक पार्टियों में हलचल शुरू हो गयी है। उनके समर्थकों का कहा है, कि चैम्पियन गुर्जर समाज के सबसे बड़े नेता है तो वही गुर्जर नेताओं का मानना है, कि चैम्पियन मात्र खानपुर विधानसभा तक सीमित है। ऐसे में बयानबाजी का सिलसिला तेज़ हो चला है। हमेशा से विवादों में रहने वाले खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन चार बार से लगातार विधायक है, और उनकी पत्नी भी तीन बार से जिला पंचायत सदस्य है। इसलिए हरिद्वार की राजनीति में उनका अपना वर्चस्व है, वही उनके बीजेपी से निष्काशन होने से हरिद्वार जिले की राजनीतिक पार्टियो ने रहात की सांस ली थी। लेकिन अब फिर से हलचल शुरू हो गयी है। क्योंकि गुर्जर समाज से उनके समर्थक मानते है कि चैम्पियन अपनी बिरादरी के सबसे बड़े है। वही कांग्रेस नेता राजेंद्र चौधरी का कहना है

कि यदि विधायक चैम्पियन गुर्जरों के नेता होते तो वे विधानसभा, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत में अपने उम्मीदवारो को जीत दिलाकर साबित करते लेकिन चैम्पियन सिर्फ खानपुर विधानसभा के ही नेता है, उन्होंने कहा कि जाति राजनीति नही करनी चहिए सभी सर्व समाज को साथ लेकर चलना चाहिए। इसके साथ ही बसपा नेता चौधरी राजेन्द्र सिंह का भी यही कहना है, कि गुर्जर समाज में चैम्पियन जैसे कई नेता है, और यदि चैम्पियन को ऐसा लगता है तो आने वाले चुनाव में जनता दिखा देंगी। चैम्पियन के एक समर्थक ने कहा था कि चैम्पियन 9 राज्यो में रहने वाले 13 करोड़ गुर्जरों के नेता हैं और राजा है, लेकिन गुर्जर नेताओ को ये बाद रास नही आरही है। वहीं अब देखने वाली बात ये होगी कि हाल ही में होने वॉर पंचायत चुनावों में कौन सी पार्टी बेहतर प्रदर्शन करती है, और गुर्जर नेताओं में कौन अपना वर्चस्व कायम रखता है। लेकिन इस बात से गुरेज नही किया जा सकता कि हरिद्वार की राजनीति में विधायक चैम्पियन की वापसी से जरूर हलचल मची है।

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