परमार्थ निकेतन में होने वाली ‘‘श्री राम कथा’’ और कुम्भ मेला, हरिद्वार में सहभाग हेतु श्री योगी आदित्यनाथ जी को किया आमंत्रित
ऋषिकेश– मुख्यमंत्री, उत्तरप्रदेश महंत योगी श्री आदित्यनाथ जी एवं परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज की भेंटवार्ता हुई। दोनों दिव्य विभूतियों की औपचारिक चर्चा के दौरान पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने मुख्यमंत्री श्री योगी जी को प्रयागराज कुंभ मेला- 2019’ को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किये जाने हेतु धन्यवाद देते हुये कहा कि यह भारत के लिये गर्व का विषय है। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने माननीय योगी आदित्यनाथ जी को कुम्भ मेला, हरिद्वार एवं परमार्थ निकेतन में अप्रैल-मई माह में आयोजित एक माह की ‘‘श्री राम कथा’’ में सहभाग हेतु आमंत्रित किया।
योगी से धर्मनगरी अयोध्या और श्री राम मन्दिर की चर्चा करते हुये पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सुझाव देते हुये कहा कि भगवान शिव के ग्यारह रूद्र स्वरूप है अतः अयोध्या में ग्यारह हजार रूद्राक्ष के पौधों का रोपण किया जाये हमारी हार्दिक इच्छा है। अयोध्या में रूद्राक्ष वन की स्थापना होनी चाहिये अगर यह सेवा योजना क्रियान्वित होती है तो परमार्थ निकेतन की ग्यारह हजार रूद्राक्ष के पौधों का सहयोग प्रदान करने की इच्छा है। पूज्य स्वामी जी ने बताया कि जैसे ही अयोध्या में स्थान का चयन हो जाये तो रूद्राक्ष पौधों के रोपण का कार्य आरम्भ किया जा सकता है। इस अवसर पर स्वामी जी ने माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी जी को रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया। तत्पश्चात पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने आज राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा सरयू तट, अयोध्या में आयोजित ‘श्री राम वन गमन पथ काव्य यात्रा’ एवं अधिवेशन में सहभाग किया। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने श्री चंपत राय जी, महामंत्री श्री राम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या को परमार्थ निकेतन की ओर से भव्य राम मन्दिर निर्माण हेतु 51 लाख रूपये का चेक किया समर्पित किया।

केदारनाथ धाम में अपनों से बिछड़े बालक के लिए देवदूत बनी रुद्रप्रयाग पुलिस
क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल द्वारा किया गया कोतवाली लैंसडाउन का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा पहुँचकर हेलीपैड से लेकर CSD कैंटीन तक किया रोड शो
इस हेली कम्पनी पर UCADA के अधिकारियों की दरियादिली श्रद्धालुओं की जान पर पड़ सकती है भारी
गौमाता में बसती है सनातन की आत्मा: महाराज