कार्यशाला के तहत निमोनिया व डायरिया की रोकथाम को लेकर किया गया जागरूक
निमोनिया व डायरिया की रोकथाम व पहचान हेतु स्वास्थ विभाग द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन कर इससे होने वाले फायदे व नुकसान के विषय में बताया गया। साथ ही इसमे उपयोग की जाने वाली PCV वैक्सीन के फायदे व तरीकों को बताया गया। निमोनिया एवं डायरिया 5 साल के छोटे बच्चों में मृत्यु के प्रमुख कारण हैं । यह स्वस्थ लोगों के नाक और गले में बिना कोई बीमारी किए हुए भी पाया जाता है।यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है और कई बीमारियां जैसे निमोनिया खून का इन्फेक्शन दिमागी बुखार कान का इन्फेक्शन करता है। PCV महंगी वैक्सीन है, जो अभी तक केवल प्राइवेट डॉक्टर के पास उपलब्ध हुआ करती थी प्राइवेट में पीसीवी की एक दोस्त की कीमत लगभग तीन से ₹4000 होती है लेकिन भारत सरकार अब उसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत मुफ्त उपलब्ध कराएगी । इसी की जानकारी के लिए आज जनपद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें निमोनिया डायरिया से होने वाले नुकसान के विषय में मुख्य चिकित्सा अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जानकारी दी साथ ही पीसीवी वैक्सीन के फायदे और तरीके भी बताए । जनपद में जल्द ही पीसीवी वैक्सिंग के टीकाकरण शुरू किए जाएंगे ।

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