सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जानकी सेतु का किया लोकार्पण
ऋषिकेश— सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जानकी सेतु को जनता को समर्पित कर दिया है। जानकी सेतु से ऋषिकेश को बड़ी सौगात मिली है। जानकी सेतु पुल टिहरी और पौड़ी जिलों की सीमाओं को जोड़ने का काम करेगा। जानकी सेतु पर मार्च 13 में इसका काम शुरू हुआ था। जानकी सेतु पुल गंगा नदी पर बना है और 346 मीटर इसकी लंबाई है। इस मौके पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि तीन सालों में उत्तराखंड सरकार ने 288 पुलों का निर्माण किया है। जो एक रिकॉर्ड है, इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में डी नदी के ऊपर पुल और लक्ष्मणझूला के पास ही बजरंग सेतु का निर्माण की घोषणा की है। इन दोनों पुलों के निर्माण को लेकर सरकार ने डीपीआर केंद्र सरकार को भेज दी है।
ऋषिकेश की जनता को संबोधित करते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की 37 लाख महिलाओं के लिए एक कमेटी बनाई है। जिसमे पत्नी को पति की संपत्ति पर पूरा अधिकार होगा और वह ऋण लेने के लिए पति की संपत्ति को गिरवी रख सकती है।जानकी पुल की कुल लंबाई 346 मीटर है। इसकी चौड़ाई 3.9 मीटर हैं जिसको तीन भागों में बांटा गया है। बीच का भाग लोगों की पैदल आवाजाही के लिए रखा गया है। इसके अलावा दोनों किनारों से एक ओर से दोपहिया वाहनों के आने और जाने के लिए व्यवस्था की गई है। इसकी कुल लागत 48 करोड़ 85 लाख आई है।
इस सेतु के बनने से टिहरी और पौड़ी दोनों जिलों के व्यापार पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। दोपहिया वाहन चलाने वालों को इससे राहत मिलेगी। ऋषिकेश में पहले से लक्ष्मण झूला और राम झूला हैं। इसके बावजूद लंबे समय से एक अन्य पुल की मांग की जा रही थी। ये पुल राजनीति का भी शिकार हुआ और बीच में इसका काम बंद रहा। मुख्यमंत्री बनने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आश्वासन दिया था कि जल्द से जल्द इसका कार्य पूरा किया जाएगा।

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