आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में अग्रसर पौड़ी पुलिस, पुलिस अधिकारियों को मिला आधुनिक तकनीक से लैस होने का प्रशिक्षण
मोबाइल फॉरेन्सिक यूनिट श्रीनगर द्वारा पुलिस लाईन पौड़ी में क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन किट प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें All Purpose Crime Scene Investigation Kit एवं Drug Detection Kit के प्रभावी उपयोग से संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद पौड़ी के अतिरिक्त जनपद रुद्रप्रयाग और चमोली से नामित कुल 49 अधिकारी/कर्मचारीगणों द्वारा भाग लिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रण का उद्देश्य जमीनी स्तर पर अपराध के घटित होने पर घटनास्थलों से वैज्ञानिक ढंग से साक्ष्यों का संकलन करना उनका रखरखाव करना व जांच हेतु विधिविज्ञान प्रयोगशाला भेजना साथ ही त्वरित जांच की क्षमता को बढ़ाना जिससे पुलिस के अन्वेषण कार्य अधिक प्रभावी, सटीक और न्यायिक दृष्टिकोण से प्रमाणिक हो सकेगें। प्रभारी जिला मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट श्रीनगर द्वारा सभी अधिकारी/कर्मचारीगणों को किट के प्रयोग, संरचना और उससे प्राप्त होने वाले परीक्षणों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई साथ प्रशिक्षण में विशेष रूप से ड्रग डिटेक्शन, साक्ष्य संकलन, फिंगरप्रिंटिंग, ब्लड/सेल सैंपलिंग, और डिजिटल साक्ष्य संरक्षण जैसे विषयों को विस्तार से समझाया गया। पुलिस लाइन पौड़ी में विवेचकों को बॉडी-वॉर्न कैमरों के उपयोग व कार्यप्रणाली संबंधी तकनीकी जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य विवेचकों को आधुनिक तकनीक-संपन्न बनाना तथा नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप साक्ष्य संकलन व प्रस्तुतीकरण में दक्ष बनाना है।

प्रशिक्षण के दौरान सभी कार्मिकों को बॉडी-वॉर्न कैमरों के संचालन, रिकॉर्डिंग प्रक्रिया, डेटा संरक्षण, सुरक्षा प्रोटोकॉल एवं विधिक पक्षों की समग्र जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण में कोतवाली पौड़ी,कोतवाली श्रीनगर व थाना देवप्रयाग के विवेचकों द्वारा ऑफलाइन तथा अन्य थानों के विवेचकों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया गया। बॉडी-वॉर्न कैमरों का गहन प्रशिक्षण आधुनिक पुलिसिंग में एक क्रांतिकारी कदम हैं, जो न केवल मौके पर घटित घटनाओं की वस्तुनिष्ठ रिकॉर्डिंग को संभव बनाएगा बल्कि पुलिस की पारदर्शिता व जवाबदेही को भी सुदृढ़ करेगा। पुलिसिंग के दौरान इन कैमरों की सहायता से सोशल मीडिया पर फैलने वाली कई भ्रामक व झूठी सूचनाओं का तथ्यात्मक खंडन भी प्रभावी रूप से किया जा सकेगा। साथ ही, यह उपकरण नए आपराधिक विधि संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होंगे, जो न्याय प्रक्रिया को और अधिक तकनीकी, प्रमाणिक व पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगें।

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