हाथरस की बेटी के इंसाफ के लिए उठने लगी आवाज, घटना का रोष व्यक्त करते हुए लोग निकाल रहे कैंडल मार्च
देशभर में हाथरस की घटना को लेकर रोष है। जगह-जगह कैंडल मार्च, और पीड़िता को इंसाफ के लिए आवाज बुलंद हो रही है। रुड़की में भी बाल्मीकि समाज के विभिन्न संगठनों ने हाथरस में हुआ घटना पर रोष व्यक्त करते हुए कैंडल मार्च निकाला, साथ ही आरोपियों को फांसी देने की मांग की। समाज के लोगो ने मांग करते हुए पीड़ित परिवार को 1 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग भी की है। भारतीय बाल्मिकी धर्म समाज के आह्वान पर बाल्मिकी समाज के विभिन्न संगठनों का कैंडल मार्च रुड़की अम्बर तालाब स्थित धर्मशाला से शुरू किया गया। इस अवसर पर भावा 10 के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र बब्बर ने कहा बाल्मीकि समाज का शोषण आज चरम सीमा पर है।
जिसका ताजा उदाहरण हाथरस उत्तर प्रदेश में हुई घटना है। दबंगों द्वारा जिस प्रकार से गैंगरेप कर युवती की गर्दन और रीढ़ की हड्डी तोड़ कर जीभ काट दी गई ऐसी ह्रदयविदारक घटना की समाज पुरजोर निंदा करता है। और दोषियों को अतिशीघ्र फांसी पर लटकाए जाने की मांग करता है। जिला अध्यक्ष आकाश कांगड़ा ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दोषियों को बचाए जाने का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा म्रतक युवती का बिना परिवार जनों को सपोर्ट करें अंतिम संस्कार करना पुलिस प्रशासन की संदिग्ध परिस्थितियों को दर्शा रहा है। उन्होंने कहा इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुखिया का कोई बयान न आना दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को एक करोड़ मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

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